क्यों नहीं होते शुभ कार्य होलाष्टक में?
सभी भक्तजनों को जय श्री राधे कृष्णा
इस वर्ष अर्थात 2022 में होलाष्टक का प्रारंभ फागुन माह के शुक्ल पक्ष अर्थात अष्टमी तिथि अर्थात 10 मार्च से प्रारंभ होकर फागुन माह की पूर्णिमा अर्थात 17 मार्च तक रहेगा| आइए जानते ही क्यों नहीं किए जाते शुद्ध एवं मंगलकार्य होलाष्टक में -
पौराणिक मान्यता के आधार पर हिरणकश्यप ने अपने पुत्र, श्री नारायण भक्त पहलाद को फागुन मास की अष्टमी से कष्ट एवं यातना देना प्रारंभ की अनेकों योजनाएं बनाकर भक्त प्रहलाद को मारने की कोशिश करते रहे| परंतु प्रभु श्री हरि की कृपा से वह हर षड्यंत्र से बच निकलते थे अंत में फागुन माह की पूर्णिमा को हिरणकश्यप ने अपनी बहन होलका जिसे अग्नि में ना जलने का वरदान था उसे बुलाया| वह भक्त पहलाद को अपनी गोद में लेकर अग्नि स्नान करने लगीं परंतु श्री हरि की कृपा से प्रहलाद तो बच गए और होलका जलकर खाक हो गई |
इस प्रकार 8 दिनों में ग्रहों का स्वभाव बहुत ही उग्र होता है यह स्वभाव शुभ कार्यों के लिए उचित नहीं माना जाता| यही कारण है कि कोई भी शुभ कार्य तथा मांगलिक कार्य इन दिनों में नहीं किए जाते |
जय जय श्री राधे कृष्णा
Jai shree Krishna
ReplyDeleteSamte Sante 50640823
ReplyDeleteRadha krishna
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