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Showing posts from April, 2022

वरुथिनी एकादशी

 वरुथिनी एकादशी वैशाख माह के कृष्ण पक्ष में मनाई जाती है ।शास्त्रों में ऐसी मान्यता है कि जो वरुथिनी एकादशी व्रत रखता है और विधि विधान से पूजा करता है उसे बैकुंठ लोक की प्राप्ति होती है पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है । आइए भक्तों अब हम मोक्षदायिनी वरुथिनी एकादशी की व्रत कथा का श्रवण करते हैं । एक समय नर्मदा नदी के तट पर मांधाता  नाम के राजा का राज हुआ करता था । वह बहुत ही धार्मिक प्रवृत्ति के दान शील व्यक्ति थे । एक समय की बात है राजा जंगल में तपस्या में लीन थे तभी एक अचानक भालू आ गया और उनका पैर चबाने आने लगा । राजा इस घटना से भयभीत हुए बिना अपनी तपस्या में लीन रहे ,इसके बाद भालू राजा को घसीटता हुआ जंगल में ले गया । तब राजा ने भगवान विष्णु से प्रार्थना की और राजा की गुहार सुनकर प्रभु प्रकट हुए उन्होंने अपने सुदर्शन चक्र से भालू का अंत कर दिया।  राजा का पैर भालू खा चुका था इस बात से राजा दुखी थे। दुखी भक्तों को देखकर प्रभु बोले हे वत्स! शोक मत करो। मथुरा जाओ और वरुथिनी एकादशी का व्रत रखकर मेरी वराह अवतार मूर्ति की पूजा करो ,उसके प्रभाव से तुम्हारे पैर प...

कामदा एकादशी की व्रत कथा

कामदा एकादशी चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की ग्यारस को मनाई जाती है भक्तजनों इस व्रत की मान्यता इस प्रकार है कि व्यक्ति के सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है । इस व्रत के करने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा होती है अर्थात यह मनुष्य की कामना पूरी करने वाला व्रत है । व्रत की कथा इस प्रकार है _ महाराज युधिष्ठिर की याचना करने पर प्रभु श्री कृष्ण ने कामदा एकादशी व्रत का महत्व बताया । प्राचीन काल में एक नगर था जिसका नाम भोगीपुर था । यहां पुंडरीक नाम का राजा राज्य करता था। इस नगर में अनेक अप्सरा, किन्नर एवं गंधर्व सुख पूर्वक निवास करते थे । यहां एक पति पत्नी का जोड़ा ललिता एवं ललित निवास करता था । उनके मध्य अगाध प्रेम था वह एक दूसरे के बिना एक पल भी नहीं रह पाते थे। एक दिन ललित अन्य गंधर्व सहित पुंडरीक की सभा में गायन कर रहा था, उसी क्षण उसे अपनी पत्नी की याद आ गई जिससे उसका स्वर बिगड़ गया । तब कारकोट नामक नाग ने ललित के मन का भाव जानकर, नाग ने गायन के पद के भंग होने की बात राजा को बताई।  जिससे राजा क्रोधित हो गया और श्राप किया जा तू राक्षस बन जा । इस प्रकार ...